Thursday, December 15, 2011


जो जो आंसू आँख मेरी बहा ना सकीं, उन्हें दिल खून में मिलाता गया|
जब जब टकराया किसी पत्थर से मैं, मैं खुद को पत्थर बनाता गया||

Friday, December 2, 2011


खेतों में भागता था में आजाद हवा की रफ़्तार से|
अब चलते हुए भी टकराता हूँ कन्धों की दिवार से||

Sunday, November 27, 2011

धुंध की बादल में जाके कहीं भटक जाऊं मैं;
थोड़ी देर खुद से भी अकेले में मिल आऊं मैं;
बहुत उलझ चूका मैं अपनी ही ज़िन्दगी में;
खुद से अपने हिस्से का भी वक़्त ले आऊं मैं.

Friday, November 25, 2011

वो मुझे कुछ इस तरह से लूट के चले गए,
मुस्कान तो छोड़ गए पर खुशियाँ ले गए||

Monday, November 21, 2011

बढती इंसानियत का हुआ असर, सांपों का घर अब नहीं रही ज़मीनें|
एहतियातन हमने कमीजों से अपनी, आज कटवा डाली हैं आस्तीनें||   

Friday, November 18, 2011

ठोकर खाई, लडखडाया और गिर गया, उठ के देखा तो हमकदम आगे बड़ गए|
यकीन नहीं होता साथ चलते कन्धों पे, अब दोस्त बनाने के पैमानें बदल गए||

Tuesday, November 15, 2011


Invasion, हमला,आक्रमण ,उन्नीसवी सदी में नाम थे जिनके|
"Bringing Democracy" इक्कीसवी सदी में नाम हुए उनके||

Thursday, November 10, 2011

toofan me bikharte chale gaye,
tanhai ki gehraiyo me utarte chale gaye,
zannat thi zindagi jinke sath...
ek-ek karke sab bichhadte chale gaye....
kya, kon, kese, kyon aur kab,
hazaro sawal zindagi puchhe tujhse,
har jawab banayega sawal khudse,
umar guzarega sari jawab dete dete,
apni mayyat pe bhi payega tu yehi sawal
kya, kon, kese, kyon aur kab???