Antarmukh
कुछ कही बातें ...कुछ अनकही बातें... सब लिख डाली हैं मेरी बातें तुम्हारी बातें
Thursday, November 10, 2011
सुबह की अधखुली नींद में, आते कितने रंगीन सपने|
थोड़ी सी देर और सोलूं मैं, रख दे कोई चाय बनने||
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